रविवार, 8 सितंबर 2013

नरक लोक मे तरकारी [व्यंग ]

नरक  लोक  में   भा  सम्मलेन ,
चर्चा  भई   तरकारी
आलू  और  टमाटर   टिंडा ,
बैगन  और   करेला    भिंडा ,,,
 परवर  ,मटर  पटल   सब  बैठे ,,,
नरक  लोक  में  भा   सम्मलेन
बैठे  सब   तरकारी ,,,,,,,
गाजर  मूली  और   चुकन्दर ,
पालक   मेथी  गोभी  अंदर ,,,
नेनुआ  और   तारोई   बोले ,,,,
काकर  खीरा  का  मन  डोले ,,,,
शिमला   सेम  अलग  ही  बैठे ,,,
मिर्ची  कुछ  तीखा ही    बोले ,,
कोहड़ा  , लौकी   कटहल  ठनके ,
चौराई  निकली   बन  ठन  के ,,,,
 केला  और   पपीता   दिखले ,,
 लहसुन  और  ,प्याज   भी  बैठे ,,,
अगले -बगले  आसन ,,,,
सुरन  औ   मशरूम   भी   आये ,,,
उनकर   नेक  इरादा ,,,,
 तन  करके  कादा [प्याज] जी ,
बोले ,,
हम  हैं  सब  के   राजा ,,
मान  लो  हमारी  बात ,,
  बहुत     दिन   देहा  तू  झांसा ,,
कांदा  का  तेवर  देख  कर  उठले ,,,
तभी  बटाटा [आलू ] दादा ,,
शान्त  हो   जाओ  प्याज  राज
 अब  तुम्हीं   बनोगें   राजा ,,,,,
नरक  लोक  में  हुई   तब  चर्चा ,,,
आज  से  कांदा   राजा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,






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