रविवार, 8 सितंबर 2013

प्रजातंत्र की कलमी डाल ,,,,


प्रजातंत्र  की  कलमी   डाल ,,,,
 लुटे  खाएं  रहें आबाद
प्रजातन्त्र  की  कलमी  डाल ,,,
 डाल  - डाल पर  कोटि   घोसला ,,
 बिनु  मालिक  का   रचे   चोचला ,,,
प्रजातंत्र  की  कलमी  डाल ,,,,
नाम  से एन  कर   समझा  हाल ,,,,
लूट -खसोट  करें  नित  चर्चा ,,
वाह  प्रजातंत्र  की  कलमी  डाल ,,,
 जनता  इनसे  है  बेहाल ,,,,
प्रजातंत्र की  कलमी डाल ,

नोट  वोट  से  नेता  बनते ,,
जन -जन  को  धीरे   से   ठगते ,,,,
वाह   राजनीति   की  कलमी   डाल ,,
प्रजातंत्र  की  जनता   कैसी ,,
सावन  -भादों  की   वर्षा   जैसी ,,,,
प्रजातंत्र  की  कलमी  डाल ,,,,

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