नारायण के वच्छास्थल से निकली हुई राजनीति को नमन करता हूँ , हे राजनीति तुम सम्पूर्ण ब्रहमांड की जननी हो ,
प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आपके चक्रव्यूह से कोई नहीं बचा है , आज सूफी संत , महात्मा , धर्माधिकारी , आपके
आधीन हैं , धर्म भी आज आपकी चौखट का पहरेदार बन चूका है ,,, नेताओं का काम नेतागिरी करना है ,,, पहले गांधीगीरी ज़माना था ,, नम्रता , सद्भाव ,अहिंसा उनके आभूषण हुआ करते थे ,,, आज कल के नेताओं से प्रदुषण
हुआ करते है ,,, आज हमारे भारत के ज्यादातर नेता जेलखानो से लेकर मर्डर , बलात्कार , हिंसा जैसे अद्वातीय
कारनामों के मुरीद हो चुके हैं , वोट और नोट की प्रतिस्पर्धा उन्हें उस पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया , जो उनकी
अस्मिता पर बदनुमा दाग है ,,, फिर भी हमारे नेता जी बेदाग़ हैं ,, कड़क - काजी श्वेत परिधान की चमक उनकी
बेदाग़ पन का शंखनाद है , काले कारनामों के लिए मशहूर नेता जी समाज के आदर्श होते है ,,,
अब हम उत्तरप्रदेश की राजनीति की बात करते हैं ,, वहाँ सपा में यूपी एग्रो के चेयरमैन नरेन्द्र भाटी जी है ,,, आजकल उनके काम के कारनामे भारत के न्यूज चैनल से लेकर समाचार पत्रों की रौनक बनाए हुए हैं ,,
४ १ मिनट के कारनामों की धमाल सुनकर मुझे आश्चर्य होता है , क्या हमारे देश का लोकतंत्र यही है ,,
फिर मै सोचता हूँ , ये लोकतंत्र नहीं नेतागीरी है ,, एक सज्जन हमसे पूछे यूपी में नेतागीरी बहुत है
हमने कहा वहाँ सीट ज्यादा है ,, नरेन्द्र भाटी का नाम नहीं सुना था ,,,
तभी सम्पूर्ण भारत बच्चा -बच्चा सुन रहा है ,, ४१ मिनट का कमाल ,,,
गिनीज बुक की टीम भी समीक्षा करने के लिए आने वाली है ,,,,
वो किसलिए
उनका काम क्या है ,,
अदभुत कार नामों का पंजीकरण करना ,,,
कौन बुला रहा है ,,,
न्यूज चैनल , से लेकर समाचार पत्र वाले खबर छाप -छापकर आने के लिए मजबूर कर देंगे ,,
वाह मिडिया ,,
गौतम बुद्धनगर की धरा पर अहिंसा के पुजारी गौतम बुद्ध की अहिंसा , के क्षेत्र में हिंसा का रूप देने वाले नेता
उन्हें धर्म से ज्यादा रेत माफियाओं से लगाव है ,, इसे मस्जिद से जोड़कर साम्प्रदायिकता का बीज बोना
जनता को गुमराह करना है ,, सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाना ,, नेताजी द्वरा चन्दा देना , शिलान्यास करना
क्या है ,,,
नेता होकर सरकारी जमीन का धार्मिक अधिग्रहण करना ,,,, क्या एक सोची समझी राजनीति नहीं है ,,,,
आई ए एस एस डी एम् दुर्गा नागपाल का रेत माफियाओं पर कार्यवाही का प्रतिशोध था
ईमानदार सशक्त युवा महिला अफसर को निलंबित कराना ,,, उनकी हार और हताशा का नतीजा था ,,
प्रसन्नता का इजहार ४ १ मिनट का सस्पेंड आर्डर था ,,,,
जो उनकी भूल थी ,
जो उन्हें न उगलते बन रहा है , न निगलते ,,,,
हार और प्रतिकार स्वरूप नेताजी आशय को वेआशय बताते हैं ,,,,,
आजकल के नेता जी आवेश में कुछ भी बोल् देते हैं ,
कांग्रेस की दिग्विजय जी उनके कामेन्ट सदैव चर्चे में रहे हैं ,,,
महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता अजीत पवार , समाज सेवक देशमुख द्वरा पानी की मांग पर अभद्र टिप्पणी
से चर्चित रहे हैं ,,
नेताओं द्वारा एस आई को पीटना , झगडा करना ,,,
आदि नेता वृत्तांत को परिसीमित नहीं किया जा सकता
नेता जी हैं आवेश में आये , भूल हो गयी ,,
जनता की चाहत चकना चूर हो गयी ,,,,
ॐ जय नेता देवा ,,
जो जन करते तुम्हारी सेवा ,,,
क्लेश विकार उन्हें न होवे ,,
सुख सम्पति चढ़ते सब मेवा ,,
ॐ जय -जय नेता देवा ,
भक्ति -भाव से करे जाप जो ,
उनके कष्ट को हरते आप हो ,,
जो जन उनको त्रास देत हैं ,,
उनको आप श्राप देत हैं ,,,
मन क्रम बचन करे जो सेवा ,
चिरंजीव खावे नित मेवा ,,,,
ॐ जय जय नेता देवा ,,
आपकी महिमा जो नित गावै ,
दस ग्रह ताहि निकट नहिं आवै ,,,,,,
आप सोचते ग्रह दस क्या है ,,
नेता से डरते ग्रह सब हैं ,,,,
शुक्र शनि भी बने अर्दली ,
गुरु से मच गयी नयी खलबली ,,
सोम और ,रवि गति न पावै
जब तक नेत महात्म्य न गावै ,,//
ॐ जय -जय नेता देवा ,,,,,
मंगल , बुध शुद्ध तब होई
जब नेता की अस्तुति होई ,,
राहू ,केतु का औकात ,,
जऊ नेता से पावहि पार ,,,,,
ॐ जय नेता देवा ,,
जन जन करता आपकी सेवा
ॐ जय जय नेता देवा ,,,,
मेरा इरादा किसी नेता का अपमान नहीं , बल्कि यथार्त से अवगत कराना है , दर्पण सच्चा मित्र होता है ,,,
सत्य कडुआ होते हुए भी न्याय संगत है ,,, लोकतंत्र में जनता की भावनाओं की कद्र करना जनप्रतिनिधि का
दायित्व है , इस सत्य से बंचित होना , न्याय संगत नहीं , अब्राहिम लिंकन ने कहा है ,,, लोकतंत्र जनता के लिए
जनता द्वरा जनता के ऊपर शासन है ,,,, ,,,, आप जनता [वोटर] द्वरा निर्वाचित होकर जन मार्ग से विमुख होना
आपकी उदासीनता का द्योतक है ,,,,,
जय हिन्द , जय भारत ,,,,,,
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