गुरुवार, 10 अप्रैल 2014

हिन्दी ,हिन्दू , हिन्दूस्तान की अस्मिता खतरें मे ,,,,

हम गाँधी परिवार के त्याग , बलिदान का कद्र करता हूँ , उसका कोई सानी नहीं , इसके वाबजूद भी हम उनके राजनैतिक विचारों से संतुष्ट नहीं हूँ, भारत सरकार और राजनीति के महारथियो से जानना चाहता हूँ मुसलमान अल्पसंख्यक कैसे === सिख, जैन , बौद्ध ईसाई आदि की जनसंख्या मुसलमानों के हिसाब कम ही है , आज हिन्दुस्तान मे हिन्दुओं की हालत दयनीय है , मुसलमान बहुल एरिये मे हिन्दू हिन्दू जैसी जिंदगी नहीं जी रहें है , जम्मू काश्मीर मे कश्मीरी ब्राह्मणों पर होने वाली ज्यादती जग विदित है , बिहार ,बंगाल , और असम बांगलादेशियों का गढ बन चुका है , मुजफ्फ़रनगर की हिन्दू बेदना उत्तरप्रदेश सरकार की नाकामी मुस्लिम वोट तुस्टीकरण का नतीजा है, ओवैसी और जैसे नेता सरेआम नफरत का बीज बोते हैं गूंगी बाहरी सरकारें सहन करती हैं , जामा मस्जिद का इमाम दिल्ली मे बैठकर वोट बांटता है ,जामा मस्जिद शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी कांग्रेस को समर्थन सम्प्रदायिक ताकत रोकने के लिये दे रहें हैं , बंगाल  मे तृणमूल कांग्रेस , बिहार मे आर जे डी , को समर्थन देने की बात करते हैं , हमे विश्वास है अगर खुद चुनाव के मैदान मे आयें तो विजयश्री शायद स्वप्न मे भी नसीब ना हो , जैसा की पिछली बार सपा के टिकट पर खुद के रिश्तेदार को मुस्लिम बहुल एरिये से  है , आज राजनीति के कुचक्र के चक्रव्यूह को अभिमन्यु अपनी माता के गर्भ सीख ले रहें हैं ,, अवसरवादिता की राजनीति करते हुये हमारे राजनेता अपने जमीर को गिरवी रख दिये हैं

,[1],आज भारत मे मुस्लिम नीति विकाश की मांग क्यों की जा रही है ,,,

[2] क्या भारत मे एक ही धर्म के लोग है जिनका हित सर्वोपरि है और सब गौण ,,,

[3] हमारे देश की राजनैतिक मंशा देखकर ऐसा आभास होता है कहीं हिन्दुस्तान की अस्मिता खतरें मे नहीं

, [4] देश की आन-बान शान के लिये सब कुछ कुर्बान करने वाले आजादी के महा नायक भगतसिंह , चंद्रशेखर आज़ाद , नेता सुभाषचन्द्र बोस आदि की भावनाओं के साथ कैसा खिलवाड़ ,,,,,

[5]सीमा पर हमारे देश के नौजवान पाक और चीन के घुस पैठ को रोकने के अपने जान की बाजी लगा देतें हैं ,,भारत के बाजार मे चाईना के सामानों की भरमार है , स्वदेशी कराह रहा , चाईना का समान धड़ल्ले से बिक रहा है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

[6]देश मे किसान आत्महत्या कर रहे हैं , उन पर सरकार की विफलता और उनकी दुलमुल नीति की नाकामीं का कारण है ,,

[7] आतंकबाद , भ्रस्टाचार और बलात्कार [व्यभिचार ] की सुरसा के मुख के समान बढ़ती जा रहीं है,

[8] देश मे महंगाई और बेरोजगारी ती जा रही है ,,,

आज समय की नजाकत वक्त के बदलते हुये नजरिये पर गौर किया जाय तो हिन्दुओं की रक्षा और देश की आन-बान के लिये मोदी जरूरी जरूरत हैं ,विकाश और समृद्धि की गंगा बहाना है मोदी को लाना आवश्यक है , गुजरात की धरा पर उनकी विकाश कार्यशैली जग विदित है , खाद्य सुरक्षा , शिक्षानीति ,और मानवीय आवश्यकता को सुदृढ़ तभी बन सकती है जब मोदी सरकार हो ,,,,

हिन्दी , हिन्दू हिन्दुस्तान ,मोदी की आये सरकार ,जन -जन मे नवस्फूर्ति भरेगी , मोदी की आये सरकार ,,,

भारत जैसे लोकतंत्र मे बने मोदी वजीरे-ए- आजम / ,,,

कासिम, ग़ोरी ,गजनवी , तैमूरलंग सा आलम ,

पिसती जनता हिन्दू रोवेऐ कासिम लंग जमाना ,

व्यभिचारी मुस्काय के बोले , नीक मिला ई जमाना ,

फि द र त , करके कुर्सी बैठे,

 

जन-जन के सब नोट हैं अइठें ,

मंहगाई की  मार मरे जन ,

स्विस पैसा सब भेजें दना दन ,

बहे जन -जन मे नव धारा,

मोदी जन जन को है प्यारा ,

राज कहें अब राजनीति, राज करेंगे मोदी ,

जयचंदों की छूट गयी है अब तो भाई धोती ,

भारत की इस राजनीति  में मोदी दिव्य है ज्योती ,[प्रकाश]

पूरब पश्चिम ,उत्तर -दक्षिण शंखनाद है मोदी ,

राजकिशोर मिश्रा [राज] 06/04/2014

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